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Updated 2:26 pm IST
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मां है तो सारा जहां है….……

Published on : May 10, 2020, 16:45 PM
By : Sidharth kumar
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HIGHLIGHTS

  • जी हां मेरे पास मां है। जिसकी गोद में पला, बढा, जिसकी अंगुलियों को पकड़कर मैंने जिंदगी का पहला कदम चला
  • मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मेरी मां मेरे साथ हीं रहती है।
  • मेरी मां बड़े प्रेम से कहती है 'जिंदगी में आगे बढने के लिए ज्ञान जरूरी है और यह बिना शिक्षा का हो नहीं सकता, इसलिए शिक्षित बनो, इमानदार बनो, दुनिया की सफलता तुम्हारे कदम चुमेगी।'

पटना:  तुम्हारे पास क्या है? मेरे पास मां है.... जी हां मेरे पास मां है। जिसकी गोद में पला, बढा, जिसकी अंगुलियों को पकड़कर मैंने जिंदगी का पहला कदम चला। जिसने मेरे खुशी के लिए अपना सबसे प्यारा चीज भी कुर्बान करने में पीछे नहीं हटी, वो मां, मेरे पास आज भी है। मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मेरी मां मेरे साथ हीं रहती है।  

वैसे मां का अर्थ, शायद बहुत बड़ा होता होगा लेकिन मैं तो सिर्फ इतना हीं जानता हूं कि मां है तो पूरा संसार है और जब तक वह इस धरती पर है तब तक मेरी खुशी, मेरी सेहत और मेरे सपने सबसे उपर रहेंगे। वक्त आने पर वह मेरे लिए अपने सारे रिश्ते भी तोड़ देने में कतई देर नहीं करेगी। 
 
अपने बलबुते पर पटना में हम तीन बहन और दो भाईयों को जिंदगी के रास्ते पर चलना सिखाया। वो हर कुछ दिया जो हम सब भाई-बहनों की इच्छा हुआ करती थी। हम सभी को जिंदगी में कोई परेशानी न हो इसके लिए उसने पहले से हीं रोटी कपड़ा और मकान की व्यव्स्था कर दी, लेकिन जब 80 के दशक में वो पटना आई थी तो उनके पास बहुत कुछ नहीं था। जो भी आज हम सब के पास है वो मां ने हीं दी है। सब कुछ देने के बाद भी एक बात बड़े प्यार से कहती है कि 'जिंदगी में आगे बढने के लिए ज्ञान जरूरी है और यह बिना शिक्षा का हो नहीं सकता, इसलिए शिक्षित बनो, इमानदार बनो, दुनिया की सफलता तुम्हारे कदम चुमेगी।'  

अनपढ होने के बावजूद भी उन्होंने हम सब भाई बहनों को पढाई, जो जहां तक पढ सकता था, वहां तक की पढाई के लिए कभी नहीं रोका। बल्कि पैसे की जरूरत अधिक आ जाने पर देर रात तक भी दूकान खोलकर पूरा करती थी। 

जिंदगी की मोड़ में कभी ऐसा भी समय आया कि नौकरी के लिए कुछ पैसे की आवश्यक्ता पड़ी तो वो बिना सोचे-समझे हां कर दी। शायद उन्हें हम पर काफी विश्वास था। लेकिन अफसोस उसमें मुझे ही सफलता नहीं मिली। 

मैं अपनी मां के लिए सिर्फ आज के दिन इतना कहना चाहता हूं:

कौन सी है वो चीज़ जो यहाँ नहीं मिलती,
सब कुछ मिल जाता है लेकिन “माँ” नहीं मिलती…
माँ-बाप ऐसे होते हैं दोस्तों जो ज़िन्दगी में फिर नहीं मिलते,
खुश रखा करो उनको फिर देखो जन्नत कहाँ नहीं मिलती.

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