Thu, Jun 24, 2021
Updated 5:12 pm IST
Updated 5:12 pm IST

…और जिंदगी की जंग हार गए जाने-माने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात कुमार

Published on : May 19, 2021, 00:14 AM
By : Anirudh kumar
news

HIGHLIGHTS

  • बिहार में एंजियोप्लास्टी की सुविधा देने वाले पहले कार्डियोलॉजिस्ट थे डॉक्टर प्रभात
  • कोविड निगेटिव होने के बाद बिगड़ी स्थिति
  • पहले पटना के मेडिवर्सल हॉस्पिटल में चल रहा था इलाज, नहीं संभली स्थिति तो एयर एंबुलेंस से ले जाया गया था हैदराबाद

पटना: …… और देश भर के जाने-माने बिहार के प्रमुख कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात कुमार जिंदगी की जंग हार गए। हैदराबाद के किम्स हॉस्पीटल में मंगलवार को उन्होंने जिंदगी की अंतिम श्वांस ली। 

मालूम हो कि प्रभात पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार थे। पहले तो पटना के मेडिवर्सल हॉस्पिटल में इलाज चला, जब स्थिति नहीं संभली तो एयर एंबुलेंस से हैदराबाद ले जाया गया था।

हैदराबाद में उनकी पेट्रियोस्टॉमी (सांस नली का ऑपरेशन) की गई थी। मंगलवार की शाम उनका निधन हो गया। वे सपोर्ट लेवल 2 पर चल रहे थे। हालांकि एक दिन पहले जानकारी आई थी कि हैदराबाद में उनकी स्थिति ठीक हो रही है। किम्स अस्पताल से उनके कोविड निगेटिव होने की रिपोर्ट भी आई थी। बताया जा रहा था कि उनके लंग्स भी ठीक तरह से काम कर रहे हैं। सांस की नली का ऑपरेशन भी सफल हुआ है, लेकिन मंगलवार को उनकी स्थिति बिगड़ गई और निधन हो गया।

बिहार में डॉ एके ठाकुर के हार्ट अस्पताल में वर्षों काम करने के बाद मेडिका हार्ट हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी के हेड थे। जितने कुशल चिकित्सक थे, उतने ही मृदुभाषी।

पटना के राजेंद्र नगर में मेडिका हार्ट इंस्टीट्यूट को खड़ा करने में उनकी बड़ी भूमिका रही। उनकी परिकल्पना पटना में एक और बड़े हार्ट हॉस्पिटल को स्थापित करने की थी। उस पर काफी तेजी से काम भी कर रहे थे। उनके निधन के बाद डॉक्टरों सहित हजारों मरीजों और उनके परिजनों में उदासी छा गई है। पिछले कई दिनों से लोग सोशल मीडिया पर भी उनके लिए दुआएं मांगी जा रही थी। 

वर्ष 1997 में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल से अपनी प्रैक्टिस की शुरुआत की थी। वे इनवेसिव और नन इनवेसिव, दोनों तरह के कार्डियक इलाज करने वाले डॉक्टर थे। बिहार के लोगों को पहले एंजियोप्लास्टी के लिए एम्स या फोर्टिस जैसे संस्थानों में जाना पड़ता था, लेकिन डॉ. प्रभात ने यह सुविधा पटना में ही उपलब्ध कराई। पटना के सबसे व्यस्त कार्डियोलॉजिस्ट में गिने जाने वाले डॉ. प्रभात से दिखाने के लिए मरीज कई महीने तक का इंतजार करने से भी नहीं घबराते थे।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि प्रभात कुमार हृदय रोग के प्रख्यात डाक्टर थे। वह बिहार में एंजियोप्लास्टी की सुविधा देने वाले पहले कार्डियोलाजिस्ट थे। बिहार के लोगों को एंजियोप्लास्टी के लिए पहले एम्स या फोर्टिस जैसे संस्थानों में जाना पड़ता था, लेकिन डॉ. प्रभात ने यह सुविधा पटना में उपलब्ध कराई। डॉ. प्रभात समाज सेवा के कार्यों से भी जुड़े थे। गरीबों का मुफ्त इलाज भी करते थे। उनके निधन से चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।

वहीं आईएमए के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने नम आंखों से शोक जताते हुए कहा कि बिहार में अब दूसरा प्रभात नहीं होगा। वह डॉक्टर नहीं सचमुच भगवान का रूप थे। चिकित्सा जगत के लिए इससे बड़ी क्षति नहीं हो सकती है कि ऐसे युवा होनहार और हरदिल अजीज असमय काल के गाल में समा गए। 

INSIDE STORY
image

स्पेशल रिपोर्ट

चीन का वुहान: जहां से शुरू हुआ कोरोना का कहर

पटना >>>>>>> वुहान शहर का नाम भले हीं चीन के बीजिंग या शंघाई जैसे शहरों के तौर पर नहीं लिया जाता है, लेकिन दुनिया के नक्शे पर अपना वजूद रखने वाले इस शहर का नाम कोरोना वायरस को लेक

image

देश

आखिर क्यों जरूरी है लॉकडाउन बढाना?

पटना: कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन की थी। यह अवधि आगामी 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। लोगों के मन एक सवाल उठ रहा है कि क्या 15 अप्रै

image

बिहार

बिहार में पूर्ण शराबबंदी ! सिर्फ एक ढकोसला.....

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले हीं इस बात का डंका बजा रहे हों कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है। शराब के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। लेकिन स्थिति बद से बदतर है। शराब माफियाओं का दबदबा पूरे बिहार