Thu, Jun 24, 2021
Updated 5:12 pm IST
Updated 5:12 pm IST

पत्रकारों पर दर्ज होनेवाले राजद्रोह के मुकदमें पर सुप्रीम कोर्ट शख्त, विनोद दुआ पर दर्ज मुकदमें रद्द

Published on : Jun 3, 2021, 14:27 PM
By : Bureau
news

HIGHLIGHTS

  • सर्वोच्च न्यायालय ने देशद्रोह के मुकदमें दर्ज करने से पहले पुलिस को किया सावधान
  • 60 साल पहले केदारनाथ सिंह मामले में आए फैसले को ध्यान में रखे पुलिस
  • वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ पर दर्ज प्राथिमिकि रद्द

नई दिल्ली:  सर्वोच्च न्यायालय ने आज देश भर में होनेवाले राजद्रोह के मुकदमों पर चिंता जाहिर करते हुए पुलिस को आगाह किया है कि इस तरह के मुकदमे दर्ज करते समय आईपीसी की धारा 124 ए में दिए गए दायरे और 60 साल पहले केदारनाथ सिंह मामले में आए फैसले को ध्यान में रखना चाहिए। कोर्ट ने यह टिप्पणी वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ के उपर दर्ज हुए देशद्रोह के मामले पर करते हुए एफआईआर रद्द कर दी। 

मालूम हो कि विनोद दुआ पर जून 2020 में हिमाचल प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। दुआ का कहना था कि उन्होंने अपने यूट्यूब चैनल पर बिना तैयारी के लॉकडाउन लगाने की आलोचना करते हुए एक कार्यक्रम किया था। इसलिए, उन पर प्राथिमिकि दर्ज कर परेशान किया जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। आज एफआईआर रद्द करने का फैसला दिया।

जस्टिस यु यु ललित और विनीत सरन की बेंच ने 1962 में 'केदारनाथ सिंह बनाम बिहार सरकार' मामले में आए फैसले का हवाला दिया है। उस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों पर बिना ठोस कारण के आईपीसी 124A (राजद्रोह) का मुकदमा दर्ज करने को गलत बताया था। कोर्ट ने कहा था कि जब किसी के वक्तव्य से लोग विद्रोह या हिंसा करने लगें, तभी बयान को राजद्रोह की श्रेणी में माना जाना चाहिए। आज कोर्ट ने कहा कि पत्रकार अपने काम के दौरान जो टिप्पणी करते हैं, उन्हें केदारनाथ फैसले के तहत संरक्षण हासिल है।

दुआ ने यह मांग भी की थी कि 10 साल से अधिक काम कर चुके पत्रकारों के ऊपर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज करने से पहले एक उच्चस्तरीय कमिटी से मंजूरी ली जानी चाहिए। हर राज्य में ऐसी कमिटी बने। उसका नेतृत्व हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस या उनकी तरफ से नामित कोई जज करे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को ठुकराते हुए कहा कि ऐसी कोई व्यवस्था बनाना विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है।

INSIDE STORY
image

स्पेशल रिपोर्ट

चीन का वुहान: जहां से शुरू हुआ कोरोना का कहर

पटना >>>>>>> वुहान शहर का नाम भले हीं चीन के बीजिंग या शंघाई जैसे शहरों के तौर पर नहीं लिया जाता है, लेकिन दुनिया के नक्शे पर अपना वजूद रखने वाले इस शहर का नाम कोरोना वायरस को लेक

image

देश

आखिर क्यों जरूरी है लॉकडाउन बढाना?

पटना: कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन की थी। यह अवधि आगामी 14 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। लोगों के मन एक सवाल उठ रहा है कि क्या 15 अप्रै

image

बिहार

बिहार में पूर्ण शराबबंदी ! सिर्फ एक ढकोसला.....

पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भले हीं इस बात का डंका बजा रहे हों कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी है। शराब के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। लेकिन स्थिति बद से बदतर है। शराब माफियाओं का दबदबा पूरे बिहार