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21 जून से लागू होने वाले राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए रिवाइज्ड गाइडलाइन्स जारी

Published on : Jun 8, 2021, 13:04 PM
By : Bureau
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HIGHLIGHTS

  • जनसंखया, बीमारी के बोझ और टीकाकरण की प्रगति के आधार पर राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन की खुराक की जाएगी आवंटित
  • गाइडलाइंस के मुताबिक भारत सरकार देश में निर्माताओं द्वारा उत्पादित किए जा रहे टीकों का 75% खरीद करेगी, जबकि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को टीके मुफ्त में दिए जाते रहेंगे।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत की कोविड-19 टीकाकरण नीतियों में बदलाव की घोषणा के बाद भारत सरकार ने  21 जून से लागू होने वाले राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण कार्यक्रम के लिए रिवाइज्ड गाइडलाइन्स जारी किए हैं।

गाइडलाइन्स में कहा गया है कि “जनसंखया, बीमारी के बोझ और टीकाकरण की प्रगति के आधार पर राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन की खुराक आवंटित की जाएगी। यानी अब किसी राज्यों को कोई शिकायतें नहीं होगी। 

गाइडलाइंस के मुताबिक भारत सरकार देश में निर्माताओं द्वारा उत्पादित किए जा रहे टीकों का 75% खरीद करेगी, जबकि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को टीके मुफ्त में दिए जाते रहेंगे। 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी लोगों के टीकाकरण के लिए मुफ्त जैब प्रदान करेगा। 

केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दी जाने वाली फ्री ऑफ कॉस्ट वैक्सीन को प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा। पहले हेल्थ केयर वर्कर्स, उसके बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स, 45 साल से अधिक आयु के लोग, जिन लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज दी जानी है, 18 साल या उससे ऊपर के लोग, 4-18 साल से अधिक आयु की जनसंख्या के ग्रुप के लिए राज्य या केंद्र शासित प्रदेश प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई शेड्यूल तय करेंगे।

गाइडलाइन्स मे कहा गया है कि भारत सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवांस में उन्हें सप्लाई की जाने वाली वैक्सीन की डोज के बारे में जानकारी देगी। इसी तरह राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी एडवांस में डिस्ट्रिक्ट और वैक्सीनेशन सेंटर्स को उन्हें दी जाने वाली डोज के बारे में जानकारी देंगे, ताकि इसे और अधिक विजिबल और सुविधाजनक बनाया जा सके।

वहीं प्राइवेट अस्पतालों के लिए वैक्सीन डोज की कीमत प्रत्येक वैक्सीन मैन्यूफैक्चरर द्वारा डिक्लेयर की जाएगी और अगर कोई बदलाव किया जाता है तो वो पहले ही बताना होगा। प्राइवेट अस्पताल हर डोज के लिए ज्यादा से ज्यादा 150 रुपये सर्विस चार्ज के रूप में ले सकते हैं। राज्य सरकारें वैक्सीन की कीमत की मॉनिटरिंग करेंगी।

वहीं वैक्सीन निर्माताओं द्वारा उत्पादन को प्रोत्साहित करने और नए टीकों को प्रोत्साहित करने के लिए, घरेलू वैक्सीन निर्माताओं को भी निजी अस्पतालों को सीधे टीके उपलब्ध कराने का विकल्प दिया गया है। यह उनके मासिक उत्पादन के 25% तक सीमित होगा. राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बड़े और छोटे निजी अस्पतालों और रीजनल बैलेंस के बीच समान डिस्ट्रीब्यूशन को ध्यान में रखते हुए निजी अस्पतालों की मांग को पूरा करेंगे। इस ओवरऑल डिमांड के आधार पर, भारत सरकार निजी अस्पतालों को टीकों की सप्लाई और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके भुगतान की सुविधा प्रदान करेगी। साथ हीं सभी नागरिक अपनी आय की स्थिति के बावजूद मुफ्त वैक्सीनेशन के हकदार हैं।

कहा गया है कि केंद्र की केंद्रीकृत मुफ्त टीकाकरण नीति 21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से शुरू होगी और सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त कोविड-19 वैक्सीन प्रदान करेगी।

लोक कल्याण" की भावना को बढ़ावा देने के लिए नॉन ट्रांसफरेबल इलेक्ट्रॉनिक वाउचर के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसे निजी टीकाकरण केंद्रों पर भुनाया जा सकता है। इससे लोग प्राइवेट वैक्सीनेशन सेंटर पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के टीकाकरण में फाइनेंशियली सपोर्ट कर सकेंगे।

बताया गया है कि CoWIN प्लेटफॉर्म प्रत्येक नागरिक को सुविधाजनक और सुरक्षित रूप से प्री-बुकिंग वैक्सीनेशन अपाइंटमेंटकी सुविधा प्रदान करता है। सभी सरकारी और निजी वैक्सीनेशन सेंटर इंडीविजुअल के साथ ही साथ व्यक्तियों के समूहों के लिए ऑनसाइट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी प्रदान करेंगे।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में घोषणा करते हुए कहा था कि केंद्र वैक्सीन खुराक के कुल उत्पादन का 75 प्रतिशत खरीदेगा और राज्यों को मुफ्त प्रदान करेगा। कोई भी राज्य सरकार टीकों पर कुछ भी खर्च नहीं करेगी। प्रधान मंत्री ने आगे कहा था कि देश में 23 करोड़ से अधिक कोविड-19 वैक्सीन की खुराक दी गई है और आने वाले दिनों में टीकों की सप्लाई में और ज्यादा वृद्धि होगी।

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