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सीएम योगी ने श्रमिकों को दिया सौगात, भरण-पोषण भत्ता के रूप में 1-1 हजार रुपये ट्रांसफर

Published on : Jun 9, 2021, 14:36 PM
By : Bureau
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HIGHLIGHTS

  • सीएम योगी ने 23 लाख श्रमिकों के बैंक खाते में 230 लाख रुपये किए आनलाइन ट्रांसफर
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रति परिवार एक माह के लिए 1000 रुपये के हिसाब से किए गए ट्रांसफर

लखनऊ: कोरोना संकट काल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिहाड़ी पर काम करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रति परिवार एक माह के लिए 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता देने का फैसला लिया था, जिसके तहत आज श्रम विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्लू) की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को ऐसे 23 लाख श्रमिकों के बैंक खाते में 230 लाख रुपये आनलाइन ट्रांसफर किए।

मौके पर सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश राज्य समाजिक सुरक्षा बोर्ड में असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पंजीकृत करने के लिए पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों से संवाद भी किया। 

मालूम हो कि कोरोना के मद्देनजर लगाई गयी आंशिक कर्फ्यू का फायदा तो राज्य के लोगों को मिला, लेकिन इसका बुरा असर उन लोगों पर पड़ा है, जो दिहाड़ी पर काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। जिसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है ताकि दिहाड़ी पर काम करने वाले श्रमिकों, पटरी और फेरी दुकानदारों को जीवन यापन में कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने ऐसे लोगों को एक हजार रुपये भरण-पोषण भत्ता देने का फैसला किया है। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान घोषित लॉकडाउन में  पंजीकृत 20.37 लाख श्रमिकों को भरण-पोषण भत्ता मिला था।

गौरतलब है कि कोरोना की विषम परिस्थितियों में राज्य सरकार ने ठेला-खोमचा लगाने वाले पटरी दुकानदारों, पंजीकृत श्रमिकों के अतिरिक्त अन्य श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालक, कुली, पल्लेदार, नाविक, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि रोज कमाकर खाने वालों को प्रति परिवार एक माह के लिए 1000 रुपये भरण-पोषण भत्ता देने का फैसला किया है। यह योजना फिलहाल एक माह के लिए लागू की गई है। श्रम विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्लू) में वर्तमान में 98 लाख श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 67.37 लाख श्रमिकों का पंजीकरण नवीनीकृत है। इस लिहाज से वे भरण-पोषण भत्ता पाने के हकदार हैं।

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